IRCTC पर AI का कमाल! एक कमांड पर ट्रेन खोजने से यात्री डिटेल भरने तक हुआ काम, पेमेंट करना पड़ा खुद
IRCTC पर AI का कमाल देखकर लोग हुए हैरान
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रह गया है। AI Agent को ऐसे काम भी दिए जा रहे हैं, जिनमें किसी वेबसाइट पर जाकर जानकारी खोजना, विकल्प चुनना और फॉर्म भरना शामिल है। ऐसा ही एक प्रयोग IRCTC की टिकट बुकिंग प्रक्रिया को लेकर सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
एक कंटेंट क्रिएटर ने AI Agent GPT-6 Astra को ट्रेन टिकट बुकिंग का काम करने के लिए कहा। इसके बाद AI ने टिकट बुकिंग प्रक्रिया के कई चरण खुद पूरे किए।
AI ने क्या-क्या किया?
वायरल वीडियो से जुड़े विवरण के मुताबिक AI Agent ने IRCTC पर जाकर पहले यात्रा से जुड़ी जानकारी के आधार पर ट्रेन के विकल्प खोजे। इसके बाद उपलब्ध ट्रेनों और सीटों की जानकारी देखने के साथ बुकिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
AI ने यात्रियों से जुड़ी जरूरी जानकारी दर्ज करने जैसे कई काम भी किए। यानी जिस प्रक्रिया में आमतौर पर यूजर को वेबसाइट पर अलग-अलग विकल्प चुनने पड़ते हैं, उसमें AI Agent ने कई चरण अपने स्तर पर संभालने की क्षमता दिखाई।
पेमेंट के समय क्यों रुक गया AI?
इस पूरे प्रयोग का सबसे दिलचस्प हिस्सा पेमेंट स्टेज रहा।
AI Agent टिकट बुकिंग प्रक्रिया में काफी आगे तक पहुंच गया, लेकिन अंतिम भुगतान यूजर को खुद करना पड़ा। इसका मतलब यह नहीं है कि AI ने पूरी तरह अपने-आप टिकट खरीद लिया।
यही वजह है कि इस घटना को AI Agent की क्षमता का प्रदर्शन कहना ज्यादा सही होगा, न कि IRCTC द्वारा शुरू की गई नई पूरी तरह स्वचालित AI टिकट बुकिंग सुविधा।
क्या IRCTC ने खुद शुरू की है ऐसी AI सुविधा?
यहां एक जरूरी अंतर समझना बेहद महत्वपूर्ण है।
वायरल वीडियो को देखकर यह मान लेना गलत होगा कि IRCTC ने हाल ही में GPT जैसे AI Agent से टिकट बुकिंग की नई सुविधा लॉन्च कर दी है।
IRCTC पहले से ही AI और मशीन लर्निंग आधारित सेवाओं का इस्तेमाल करता है। उसका AskDisha 2.0 chatbot यात्रियों को टिकट बुकिंग, PNR, कैंसिलेशन और रेलवे से जुड़ी कई जानकारियों में सहायता देता है।
लेकिन वायरल AI Agent वाला प्रयोग एक अलग मामला है। यह किसी कंटेंट क्रिएटर द्वारा AI Agent की क्षमताओं को परखने का उदाहरण है।

AI Agent और सामान्य Chatbot में क्या फर्क है?
सामान्य chatbot आमतौर पर यूजर के सवालों का जवाब देता है। उदाहरण के लिए, आप पूछ सकते हैं कि किसी ट्रेन का समय क्या है या टिकट की स्थिति कैसी है।
वहीं AI Agent को कुछ परिस्थितियों में किसी वेबसाइट या डिजिटल इंटरफेस पर कई चरणों वाला काम करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
यानी AI सिर्फ यह बताने के बजाय कि “मुंबई से राजकोट की ट्रेन खोजिए”, खुद वेबसाइट पर जाकर ट्रेन खोजने और आगे की प्रक्रिया में सहायता करने की कोशिश कर सकता है।
क्या भविष्य में AI खुद टिकट बुक कर सकेगा?
यह घटना इस दिशा में बढ़ती तकनीक की ओर जरूर इशारा करती है। आने वाले समय में AI Agents ऑनलाइन शॉपिंग, ट्रैवल बुकिंग, होटल रिजर्वेशन और दूसरी डिजिटल सेवाओं में कई काम अपने स्तर पर करने में सक्षम हो सकते हैं।
हालांकि पेमेंट, पहचान सत्यापन, OTP और अन्य संवेदनशील चरणों में यूजर की अनुमति और सुरक्षा नियंत्रण महत्वपूर्ण रहेंगे।
रेलवे टिकट बुकिंग जैसे काम में गलत यात्री विवरण, गलत ट्रेन या गलत तारीख चुनने जैसी छोटी गलती भी परेशानी पैदा कर सकती है। इसलिए AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ मानव नियंत्रण और अंतिम पुष्टि भी अहम रहेगी।
सोशल मीडिया पर क्यों चर्चा में आया मामला?
इस प्रयोग ने लोगों का ध्यान इसलिए खींचा क्योंकि टिकट बुकिंग जैसी रोजमर्रा की प्रक्रिया में AI को इतनी दूर तक काम करते हुए दिखाया गया।
जहां पहले AI से केवल जानकारी लेने की बात होती थी, अब AI Agent को “काम करके दिखाने” के नजरिए से देखा जा रहा है।
हालांकि इस पूरे मामले को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह IRCTC की आधिकारिक नई घोषणा नहीं है, बल्कि AI Agent की क्षमताओं से जुड़ा एक वायरल प्रयोग है।
AI बदल रहा है ऑनलाइन काम करने का तरीका
IRCTC का यह उदाहरण बताता है कि AI का अगला चरण केवल सवाल-जवाब नहीं, बल्कि Action-based AI हो सकता है। यानी यूजर के निर्देश को समझकर AI डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कई चरणों वाला काम पूरा करने की कोशिश करे।
फिलहाल इस प्रयोग में अंतिम पेमेंट यूजर को करना पड़ा, लेकिन तकनीक जिस तेजी से आगे बढ़ रही है, उससे साफ है कि आने वाले समय में AI Agents डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल का तरीका काफी बदल सकते हैं।
स्रोत: उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय जानकारी के आधार पर।