सऊदी अरब | जनवाणी हिन्दुस्तान
दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनने का सपना देख रहा जेद्दा टावर (Jeddah Tower) एक बार फिर चर्चा में है। सऊदी अरब के जेद्दा शहर में बन रही यह गगनचुंबी इमारत 1,000 मीटर यानी एक किलोमीटर से अधिक ऊंचाई तक पहुंचाने की योजना के साथ तैयार की जा रही है। इसका लक्ष्य दुबई की बुर्ज खलीफा को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का रिकॉर्ड अपने नाम करना है।
हालांकि, इस टावर का सफर आसान नहीं रहा। निर्माण शुरू होने के कुछ साल बाद काम रुक गया था। लंबे इंतजार और कई वर्षों की देरी के बाद वर्ष 2025 में निर्माण दोबारा शुरू हुआ। अब सवाल है कि आखिर जेद्दा टावर की शुरुआत कैसे हुई, इसका निर्माण क्यों रुका और यह कब तक पूरा हो सकता है?

क्या है जेद्दा टावर?
जेद्दा टावर सऊदी अरब के जेद्दा शहर में बनाया जा रहा एक विशाल बहुउद्देशीय गगनचुंबी प्रोजेक्ट है। इसे पहले किंगडम टावर (Kingdom Tower) के नाम से जाना जाता था। इस परियोजना को सऊदी अरब के शहरी विकास और आधुनिक वास्तुकला की बड़ी योजनाओं में शामिल किया गया है।
इसकी प्रस्तावित ऊंचाई 1,000 मीटर से अधिक है। तुलना करें तो दुबई की बुर्ज खलीफा की ऊंचाई 828 मीटर है। यदि जेद्दा टावर अपनी निर्धारित ऊंचाई तक बन जाता है, तो यह बुर्ज खलीफा से भी ऊंचा होगा।
इस परियोजना में होटल, आवासीय अपार्टमेंट, सर्विस्ड अपार्टमेंट, कार्यालय और ऊंचाई पर स्थित दर्शक मंच जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
2009 में बनी योजना, 2013 में शुरू हुआ निर्माण
जेद्दा टावर की परियोजना को विकसित करने के लिए वर्ष 2009 में जेद्दा इकोनॉमिक कंपनी का गठन किया गया। इसके बाद डिजाइन और निर्माण की तैयारियां आगे बढ़ीं।
टावर का डिजाइन प्रसिद्ध वास्तुकार एड्रियन स्मिथ और उनकी फर्म Adrian Smith + Gordon Gill Architecture से जुड़ा है। इमारत की संरचनात्मक इंजीनियरिंग में Thornton Tomasetti की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
वर्ष 2013 में टावर का निर्माण शुरू हुआ। शुरुआत में यह परियोजना सऊदी अरब की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं का प्रतीक बनी, लेकिन आगे चलकर इसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

2018 में क्यों रुक गया था निर्माण?
जेद्दा टावर का निर्माण वर्ष 2018 के आसपास रुक गया था। उस समय तक इमारत का ढांचा लगभग 60 से अधिक मंजिलों तक पहुंच चुका था।
निर्माण में रुकावट के पीछे ठेकेदारों और भुगतान से जुड़ी समस्याओं सहित कई व्यावसायिक और प्रशासनिक चुनौतियों की खबरें सामने आई थीं। सऊदी अरब में उस दौर की व्यापक आर्थिक और प्रशासनिक उथल-पुथल तथा बाद में कोविड-19 महामारी ने भी परियोजना की प्रगति को प्रभावित किया।
इसके बाद कई वर्षों तक टावर का निर्माण ठप रहा। दुनिया भर में इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि क्या एक किलोमीटर ऊंची इमारत बनाने की यह योजना कभी पूरी हो पाएगी।
2023 से शुरू हुई वापसी की तैयारी
लंबे अंतराल के बाद वर्ष 2023 में परियोजना को दोबारा आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हुई। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए टेंडर और ठेके से जुड़ी गतिविधियां शुरू की गईं।
वर्ष 2024 में सऊदी बिनलादिन ग्रुप के साथ निर्माण पूरा करने से संबंधित अनुबंध की खबर सामने आई। इसके बाद जनवरी 2025 में टावर का निर्माण आधिकारिक तौर पर फिर से शुरू होने की सूचना दी गई।
इस घटनाक्रम ने परियोजना को नई गति दी और दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनने की इसकी महत्वाकांक्षा एक बार फिर चर्चा में आ गई।
2026 में कहां तक पहुंचा निर्माण?
जुलाई 2026 में परियोजना से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जेद्दा टावर का निर्माण लगभग 106वीं मंजिल और करीब 430 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच चुका था। बाद की कुछ रिपोर्टों में इससे अधिक मंजिलों तक निर्माण पहुंचने का उल्लेख भी किया गया है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि निर्माण की ऊंचाई और मंजिलों की संख्या लगातार बदल सकती है। इसलिए अलग-अलग तारीखों की रिपोर्टों में आंकड़ों का अंतर संभव है।
फिलहाल टावर को पूरा होने में अभी काफी काम बाकी है। परियोजना के लिए वर्ष 2028 के आसपास पूरा होने का लक्ष्य बताया गया है, लेकिन इसे अंतिम और सुनिश्चित तारीख नहीं माना जाना चाहिए।
जेद्दा टावर की खासियत क्या होगी?
जेद्दा टावर की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्रस्तावित ऊंचाई है। इसके अलावा आधुनिक इंजीनियरिंग, ऊंची इमारतों के लिए विकसित संरचनात्मक तकनीक और बहुउद्देशीय उपयोग इसे खास बनाते हैं।
इसके पूरा होने पर यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि जेद्दा की पहचान और पर्यटन आकर्षण का प्रमुख हिस्सा बनने की क्षमता रखता है। इससे आसपास के क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों और शहरी विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इतनी ऊंची इमारत का निर्माण अपने आप में बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती है। तेज हवाओं, संरचनात्मक स्थिरता, लिफ्ट प्रणाली, सुरक्षा और संचालन जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान देना पड़ता है।
क्या बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड टूट जाएगा?
फिलहाल बुर्ज खलीफा 828 मीटर की ऊंचाई के साथ दुनिया की सबसे ऊंची पूर्ण इमारत है। जेद्दा टावर की प्रस्तावित ऊंचाई 1,000 मीटर से अधिक है।
यदि इसका निर्माण तय योजना के अनुसार पूरा होता है और इसे आधिकारिक रूप से पूर्ण इमारत के रूप में मान्यता मिलती है, तो यह बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। लेकिन जब तक निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक इसे दुनिया की सबसे ऊंची पूर्ण इमारत कहना सही नहीं होगा।
निष्कर्ष
जेद्दा टावर की कहानी महत्वाकांक्षा, आधुनिक इंजीनियरिंग और लंबे इंतजार की कहानी है। वर्ष 2013 में शुरू हुआ निर्माण 2018 के आसपास रुक गया था, लेकिन 2025 में काम दोबारा शुरू होने के बाद परियोजना ने फिर गति पकड़ी।
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या सऊदी अरब का यह विशाल टावर वर्ष 2028 के आसपास पूरा हो पाएगा और दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का नया रिकॉर्ड बना सकेगा।
स्रोत: उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय जानकारी के आधार पर।
नोट: निर्माण की मंजिलों, ऊंचाई और पूरा होने की समय-सीमा से जुड़े आंकड़े परियोजना की प्रगति के साथ बदल सकते हैं।