UPI से भुगतान करने वाले लोगों और डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले कारोबारियों के लिए MDR से जुड़ी खबर चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) व्यवस्था लागू करने की तारीख दिवाली के बाद तक आगे बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, इसकी नई तारीख की पुष्टि के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आधिकारिक निर्देश देखना जरूरी है।
क्या है UPI MDR?
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है, जो निर्धारित नियमों के तहत डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों के लेन-देन पर लागू हो सकता है। यह ग्राहक द्वारा किसी दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने पर लगने वाले शुल्क से अलग है।
UPI का संचालन NPCI करता है। MDR से संबंधित नियमों, शुल्क की श्रेणियों और उनके लागू होने की तारीख को लेकर आधिकारिक सर्कुलर सबसे महत्वपूर्ण आधार होगा।
क्या हर UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज?
नहीं, MDR की चर्चा का यह मतलब नहीं है कि हर UPI भुगतान पर शुल्क लगेगा। वित्त मंत्रालय ने 15 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया था कि व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) लेन-देन मुफ्त रहेगा। ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान और छोटे व्यापारियों के लिए शून्य-MDR व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले लेन-देन भी मुफ्त रहेंगे। मंत्रालय के अनुसार, लगभग 96 प्रतिशत व्यापारी लेन-देन प्रभावित नहीं होंगे।
इसलिए ग्राहकों को यह मानकर परेशान होने की जरूरत नहीं है कि अब हर बार QR कोड स्कैन करके भुगतान करने पर अतिरिक्त पैसा देना पड़ेगा।
व्यापारियों के लिए क्या मायने हैं?
MDR व्यवस्था का असर निर्धारित श्रेणियों में आने वाले व्यापारी लेन-देन पर पड़ सकता है। व्यापारियों को शुल्क की दर, पात्र लेन-देन और लागू होने की तारीख की जानकारी अपने बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और NPCI के आधिकारिक निर्देशों से लेनी चाहिए।
नई तारीख पर आधिकारिक पुष्टि जरूरी
दिवाली के बाद MDR लागू होने की तारीख से जुड़ी खबर सामने आई है, लेकिन अंतिम तारीख की पुष्टि के लिए NPCI के मूल सर्कुलर या आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए। जब तक स्पष्ट निर्देश उपलब्ध न हों, तब तक किसी तारीख को निश्चित रूप से लागू होने की तारीख बताना उचित नहीं होगा।
निष्कर्ष: UPI MDR से जुड़ा बदलाव मुख्य रूप से निर्धारित व्यापारी लेन-देन की व्यवस्था से संबंधित है। आम लोगों के सभी UPI भुगतानों पर शुल्क लगने का दावा सही नहीं है। नई तारीख और लागू नियमों के लिए आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
स्रोत: NPCI के आधिकारिक UPI सर्कुलर | वित्त मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी