UP में पीछे बैठने वाले ने हेलमेट नहीं लगाया तो कट सकता है ऑनलाइन चालान, नई e-Challan व्यवस्था में सख्ती
बाइक पर पीछे बैठने वाले को भी पहनना होगा हेलमेट?
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले यात्री यानी Pillion Rider के हेलमेट को लेकर ट्रैफिक नियमों के enforcement को लेकर नई जानकारी सामने आई है। 29 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक e-Challan सिस्टम में पीछे बैठे व्यक्ति के बिना हेलमेट होने पर भी ऑनलाइन चालान की कार्रवाई का विकल्प जोड़ा जा रहा है।
कानून और e-Challan में क्या है अंतर?
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 में मोटरसाइकिल चलाने या उस पर सवारी करने वाले व्यक्ति के लिए protective headgear का प्रावधान है। वहीं UP Police की वेबसाइट पर उपलब्ध UP Motor Vehicles Rules, 1998 के Rule 201 में वर्तमान ऑनलाइन उपलब्ध पाठ में पिलियन राइडर को अपवाद के रूप में दिखाया गया है।
इसी वजह से मौजूदा अपडेट को “आज नया कानून लागू हो गया” कहने के बजाय e-Challan enforcement में बदलाव के रूप में समझना ज्यादा सही है।
कैमरे और डिजिटल सिस्टम से हो सकती है कार्रवाई
ताजा रिपोर्ट के अनुसार ट्रैफिक पुलिस के डिजिटल उपकरणों और ITMS कैमरों के जरिए बाइक पर पीछे बैठे व्यक्ति के हेलमेट की स्थिति भी दर्ज की जा सकती है और वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर ऑनलाइन चालान की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
सरकारी e-Challan सिस्टम भी डिजिटल तरीके से ट्रैफिक उल्लंघनों की रिकॉर्डिंग और चालान प्रक्रिया के लिए इस्तेमाल होता है।
हेलमेट नहीं पहनने पर कितना चालान?
UP Police की वेबसाइट पर उपलब्ध penalty table में helmet violation के लिए ₹1,000 का प्रावधान दर्ज है। हालांकि पिलियन राइडर के मामले में नई डिजिटल व्यवस्था के तहत किस प्रकार और किसके नाम पर चालान जनरेट होगा, इसे लेकर स्थानीय enforcement प्रक्रिया की जानकारी अलग से देखना जरूरी है।
बाइक चलाने वालों के लिए जरूरी सलाह
अब बाइक पर निकलते समय सिर्फ चालक ही नहीं, पीछे बैठने वाले यात्री को भी हेलमेट पहनाना सुरक्षित विकल्प है। हेलमेट BIS मानक वाला और ठीक से स्ट्रैप किया हुआ होना चाहिए। UP Police भी दोपहिया वाहन पर हेलमेट को सही तरीके से पहनने की सलाह देती है।
जनवाणी हिन्दुस्तान की अपील: चालान से बचने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के लिए भी बाइक पर चालक और पीछे बैठने वाले दोनों को हेलमेट पहनना चाहिए।
स्रोत: उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय जानकारी के आधार पर।