अमरोहा में 11वीं शरीफ की महफिल का आयोजन, गौस-ए-आज़म के उर्स पर हुई फातेहा ख्वानी
अमरोहा में 11वीं शरीफ की महफिल
अमरोहा। 23 सितंबर, बुधवार को सुन्नी मुस्लिम कमेटी की ओर से गौस-ए-आज़म के उर्स के मौके पर 11वीं शरीफ की महफिल और फातेहा ख्वानी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मोहल्ला हक्कानी में कमेटी के महासचिव मोहम्मद अतहर अंसारी के मकान पर हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज फैजान रजा अजहरी ने तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक से की। कार्यक्रम की सदारत सुन्नी मुस्लिम कमेटी के सदर सैय्यद सऊद अली ने की, जबकि निजामत महासचिव मोहम्मद अतहर अंसारी ने संभाली।

नात-ओ-मनकबत और कुल शरीफ
महफिल में हकीम महताब, हाफिज फैजान और अब्दुल रहीम ने नात-ओ-मनकबत पेश की। इसके बाद कुल शरीफ हुआ। आखिर में सलात-ओ-सलाम के बाद हजरत मुफ्ती तैयब अली कादरी नईमी अमरोहवी ने दुआ कराई।

कौन हैं गौस-ए-आज़म?
गौस-ए-आज़म के नाम से मशहूर शेख अब्दुल कादिर जिलानी इस्लामी इतिहास के प्रमुख सूफी संतों और कादिरिया सिलसिले से जुड़े आध्यात्मिक व्यक्तित्वों में माने जाते हैं। उनके नाम के साथ अब्दुल कादिर, अबू मुहम्मद और गौस-ए-आज़म जैसे नाम/उपाधियां मिलती हैं।
कादिरिया परंपरा में उनकी शिक्षाओं और आध्यात्मिक विरासत का विशेष महत्व माना जाता है। उनके विसाल की तारीख 11 रबीउल आखिर 561 हिजरी बताई जाती है और इसी वजह से उनके उर्स के अवसर पर 11वीं शरीफ/ग्यारहवीं शरीफ की महफिलें आयोजित की जाती हैं।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
इस मौके पर कमेटी के सचिव शजर आलम शाही, शाने आलम तुर्क, सभासद यासिर अंसारी एडवोकेट, हाफिज इमरान, मोहम्मद फहीम, साबिर बावर्ची, दिलनवाज बावर्ची, यासीन अंसारी, अफफान खान एडवोकेट, खालिद अंसारी, हाजी मेहरबान सैफी, असलम कारपेंटर, शबाब, अली, सकलेन, शहजाद, सलमान, शाहआलम, नौशाद कारपेंटर सहित अन्य अकीदतमंद मौजूद रहे।
स्रोत: उपलब्ध स्थानीय एवं विश्वसनीय जानकारी के आधार पर।