कम उम्र में क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा? युवाओं को इन 7 बातों से रहना होगा सावधान
कम उम्र में हार्ट अटैक क्यों हो रहे हैं?
आजकल युवाओं में हार्ट से जुड़ी समस्याओं को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि हर युवा में हार्ट अटैक का कारण एक जैसा नहीं होता, लेकिन कई ऐसे जोखिम कारक हैं जो कम उम्र में भी हृदय रोग की संभावना बढ़ा सकते हैं। WHO के अनुसार तंबाकू, अस्वास्थ्यकर खान-पान, शारीरिक निष्क्रियता, अधिक वजन, हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड शुगर और बढ़े हुए ब्लड लिपिड प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं।
1. धूम्रपान और तंबाकू
सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। धूम्रपान रक्तचाप बढ़ाने और रक्त के थक्के बनने की संभावना बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है।
2. हाई BP और कोलेस्ट्रॉल
कई लोगों को कम उम्र में भी हाई ब्लड प्रेशर या बढ़ा हुआ LDL कोलेस्ट्रॉल हो सकता है, लेकिन उन्हें इसका पता नहीं चलता। लंबे समय तक ये समस्याएं धमनियों में प्लाक बनने और हृदय रोग का खतरा बढ़ाने में योगदान कर सकती हैं।
3. खराब खान-पान और मोटापा
बहुत ज्यादा नमक, चीनी, अस्वास्थ्यकर वसा और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड भोजन, साथ में कम शारीरिक गतिविधि, वजन और मेटाबॉलिक जोखिम बढ़ा सकते हैं। WHO इन्हें हृदय रोग के महत्वपूर्ण व्यवहारिक जोखिम कारकों में गिनता है।
4. दिनभर बैठे रहना
ऑफिस, पढ़ाई या मोबाइल-कंप्यूटर के कारण लंबे समय तक बैठे रहना और व्यायाम की कमी भी दिल की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। नियमित शारीरिक गतिविधि BP, वजन और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करती है।
5. डायबिटीज
ब्लड शुगर का लंबे समय तक बढ़ा रहना हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाता है। इसलिए युवाओं में भी समय-समय पर ब्लड शुगर और अन्य स्वास्थ्य मानकों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।
6. परिवार में कम उम्र में हार्ट डिजीज का इतिहास
अगर परिवार में किसी को कम उम्र में हृदय रोग या हार्ट अटैक हुआ है, तो व्यक्ति का जोखिम सामान्य से अधिक हो सकता है। कुछ आनुवंशिक स्थितियां भी कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग के खतरे को प्रभावित कर सकती हैं।
7. तनाव और नींद की अनदेखी
लगातार तनाव और खराब नींद भी स्वस्थ जीवनशैली को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए सिर्फ जिम करना ही पर्याप्त नहीं है—खान-पान, नींद, शारीरिक गतिविधि और तंबाकू से दूरी, सभी का ध्यान रखना जरूरी है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, ठंडा पसीना, चक्कर, मितली या दर्द का हाथ, कंधे, जबड़े, गर्दन या पीठ तक जाना हार्ट अटैक के संभावित संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों में इंतजार करने के बजाय तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
- धूम्रपान और तंबाकू से बचें
- नियमित शारीरिक गतिविधि करें
- संतुलित भोजन लें
- वजन को स्वस्थ सीमा में रखने की कोशिश करें
- BP, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं
- पर्याप्त और नियमित नींद लें
- परिवार में कम उम्र में हार्ट डिजीज का इतिहास हो तो डॉक्टर से जोखिम के बारे में चर्चा करें
याद रखें, कम उम्र होना हार्ट डिजीज से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं है। जोखिम कारकों की समय पर पहचान और जीवनशैली में सुधार से हृदय रोग के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
स्रोत: उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्वास्थ्य जानकारी के आधार पर।